आज का दिन
लुप्त हुआ दिन जो अतीत मेंं, उस से क्या लेना देना
उसकी सुधि तो बतलाती है, बीता कैसे दिन कैसे रैना
जिस पल पर अधिकार अभी है, जिससे परिवर्तन आ सकता है
वो पल है बस मात्र अभी का, उसे तराशा जा सकता है
जीवन का उद्देश्य एक है, शान्त और सुखमय जीवन
इसे सुरक्षित कर सकते हैं, यदि हम गढें आज का दिन
भ्रामकता अतीत, आगत की मिथ्या है, निरस्त कर दो
वर्तमान पल को संभाल कर, साधन और ऊर्जा भर दो
मन स्थिति जो भी इस पल की, पहचानो स्वीकार करो
जो प्रतिरोधक भाव उठ रहे ,उन्हें नकारो उर न धरो
जो कुछ करना है अभी करो, सबसे उत्तम आज का दिन है
मन मेंं शीघ्र भाव उपजेगा, सब सम्भव कुछ नहीं कठिन है

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