बादलों की कूंचियों पर
बादलों की कूंचियों पर इलज़ाम, लगाया न करो
कुछ ख़्वाब नभ से झर भी जाँय, घबराया न करो
मज़हब के मामलातों में दखलंदाज़ी ठीक नहीं
मसला हलाला का हो गर, चुप रह जाया न करो
होठों को इतने पास ला, लौ को बुझाया न करो
मंजिल तक पहुँचने में अवरोधक अनेक आते हैं
राहें अपने ही उलझा दें गर, तिलमिलाया न करो
हारा हुआ देश या इंसान खुद ही शर्मसार होता है
बार बार सुना के "श्री" एहसास बढ़ाया न करो
श्रीप्रकाश शुक्ल

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